कई बार  सुनने के बाद  इस गाने का सूफियाना रहस्य समझ आया. पहले और निर्बुद्धियो की तरह मुझे भी यह गीत वल्गर लगा था, किन्तु जब मैंने गाने को ध्यान से ‘देखा’ तब मुझे इसके गीत के ‘बोलो’ का रहस्य समझ में आया. वास्तव में ये गीत द्विअर्थी है. जिसका दूसरा अर्थ सूफियाना है. ये गीत नश्वर शरीर में कैद आत्मा और परमात्मा के मध्य संवाद के रूप में है. देखिये  कैसे-

Aha oo oo…..
ये इश्वर से जुड़ने का पहला संबोधन है

Sshh chutki jo tune kaati hai
Jori se kaati hai, yahan wahan
हे इश्वर !ये चुटकी रूपी ज्ञान के चोट से जो तुमने मेरे मनः मस्तिष्क में यहाँ वहाँ जो ज्ञान का संचार किया है, उसकी मै आभारी हू. ये चोट इतनी जोर से थी की अज्ञानता से बंद मेरे मस्तिष्क के कपाट के  द्वार सहसा खुल गए.

Roothi hoon, main tujhse roothi hoon

Mujhe mana le na o jaan-e-jaan

हे इश्वर!! अज्ञानता से मेरी बुद्दि इतनी कुंद हो चुकी थी की मेरी आत्मा ही म्मुझ्से रूठ गयी थी. अब इस ज्ञान के प्रकाश से मै इसे मनाऊँगी. ये आत्मा ही मेरी जान है, यहीं से मेरा जहान है ये अब मै समझ चुकी हूँ.

इश्वर कहते है-

Chedenge hum tujhko
Ladki tu hai badi bumbaat
Aha aha aha aha
छेड़ेंगे हम तुमको…अर्थात, तुम अज्ञान में रहो ये हम नहीं देख सकते. इसलिए समय समय पे हम तुम्हे ज्ञान रूपी उंगलियों से अज्ञानता के इस शरीर को छेड़ते रहेंगे. तुम बुम्बाट हो! यानी तुम ब्रह्म से बात कर सकने में सक्षम हो. और एक बार जब ब्रह्म का अहसास तुम्हे होगा तो तुम्हारी आत्मा अहा कर उठेगी.(वो भी चार बार)

Ooh la la, ooh la la, ooh la la, ooh la la
Tu hai meri fantasy
(यहाँ कवी सेकुलर हो गया है)….ओ अल्लाह!! ओ अल्लाह!! तुम ही मेरे जीवन की एक मात्र फंतासी हो…

Choo na na, choo na na, choo na na, choo na na
Ab main jawan ho gayi
मेरी आत्मा अब जवान हो चुकी है. अब ज्ञान रूपी ऊँगली ना करिये प्रभु!

Chua jo tune toh dil ne maari seeti
De de inn gaalon pe ek pappi meethi meethi
Yowan tera, saavan bhara
Bheeg gaya dil yeh mera
हे पुत्री! जब ज्ञान आत्मा को छूता है तो ह्रदय से सिटी रूपी ध्वनि निकल जाती है. हे अज्ञानी, आ, आगे बढ़ और ले ले इस नश्वर गाल पे ज्ञान का चुम्बन. और भर दे अपने यौवन को ज्ञान से. चुम्बन के बारिश की बूंदों से मेरा ह्रदय भी द्रवित कर दिया तुने!

Aaha tune hi barsaat karaayi
Kya kare yeh yowan bechara bechara bechara
नहीं नहीं प्रभु! ये बरसात तो आपकी ही दें है. कहा मै इस संसार रूपी मरुस्थल में पड़ी हुई अज्ञानता की मरीचिका की खोज में थी. और आपने ज्ञान की बारिश कर मेरे यौवन के ज्ञान की प्यास को बुझा दिया.
Ooh la la, ooh la la, ooh la la, ooh la la
Tu hai meri fantasy
ओ अल्लाह!! ओ अल्लाह!! तुम ही मेरे जीवन की एक मात्र फंतासी हो…

Gira ke apna pallu, ba re ba
Kar deti woh humo bekaraar

इश्वर कहते है, हे पुत्री, ये ज्ञान पे पड़े परदे को इस तरह बार बार ना गिराओ. ये पल्लू बार बार गिराने से काम नहीं चलेगा..एक ही बार गिरा दो. जैसे ही पल्लू इस नश्वर शरीर से गिरता है, मेरे अंदर भी एक उर्जा का संचार हो जाता है. जिससे मुझे तुम्हे ज्ञान से भर देने की इच्छा बलवती हो जाती है.

Aag lagayi tune tann mein kya kare yeh pallu bechara
Bechara, bechara, aa aa
आपके इच्छाओं  की जठर अग्नि से ही तो ये पल्लू बार बार गिर जाता है. इसमें मेरा क्या कसूर प्रभु!!
इसलिए हे प्रभु! मुझे अपने ज्ञान के आगोश में ले लो!! अब और अज्ञानता की इस पीड़ा से मुझे मुक्त करो!!

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